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Sunday, August 3, 2014

मेरे परम मित्र




        पता नहीं क्यों ....आज तक इस विषय पर कभी बहुत गौर नहीं किया कि मेरे खास मित्र कौन हैं.....हर उम्र, हर जगह, हर परिस्थितियों में दोस्त बदलते रहते हैं.....इस लिए कोई दोस्त बहुत लम्बे समय तक बना रहे ऐसा  नहीं हो पाया......बचपन की और कॉलेज टाइम की दोस्ती......और ऐसे ऐसे दोस्त .....जिनके बिना लगता था जी ही नहीं पाएंगे......आज न जाने कहाँ हैं......मैं मानती हूँ.. कि ऐसा नहीं.. कि वो भी हमें भूल चुके हो......कोई भूलता नहीं....  हाँ ये जरूर है..कि एक लम्बा  समय बीत जाने पर एक धुंधली परत सी चढ़ जाती है रिश्तों पर....वो उतने चमकदार नहीं रह जाते.....पर अगर फिर से उन्हें झाड़पोंछ  कर चमकाने की . कोशिश की जाये तो कोई शक नहीं कि वे पुनः चमक उठें.......पर दुःख इस बात से होता है कि ये चेष्टा कोई करना ही नहीं चाहता........समय के अभाव का रोना रोते रोते हम ये भूल जाते हैं ...कि हमारी ज़िन्दगी कितनी मशीनी और बेरंग हो चली है कि हमारे पास न खुद  के लिए वक़्त है न दूसरों के लिए.........इस भागती हुई दुनिया को देख कर लगता है आखिर हम कहाँ भाग रहे हैं.....क्यों भाग रहे हैं.???......
               खैर ये तो हुई दुनिया जहाँ की बातें....पर मुझे इस बात का आत्मिक संतोष है कि मैंने.... अपने जीवन साथी के रूप में एक ऐसा मित्र पाया है .....जो आज एक लम्बे समय से मेरे परम घनिष्ठ मित्र हैं.....जिनसे मैं हर तरह की बातें शेयर कर सकती हूँ.....इस लिए नहीं कि वे हर प्रॉब्लम सॉल्व कर देते हैं ..बल्कि इस लिए कि वे बातों में इतनी बातें निकाल कर इतने तरीके बता देते हैं......कि असली प्रॉब्लम क्या थी....यही याद नहीं रहता.........पर कुछ भी हो.....मैं अपने सारी मनो भावनाएं  या कहूँ भड़ास ....इनके सामने निकाल कर निश्चिन्त हो जाती हूँ ...........मुझे लगता है जीवन की हर मंजिल आसान है अगर जीवन साथी हर समय पास न भी हो , पर साथ ..हर समय होना चाहिए.....और ये साथ सहज हो तो चलना और भी आसान हो जाता है......एक राज की बात और बता दूँ कि इतने दिनों तक इनके साथ रह कर मैंने जान लिया है कि इनको परेशान करना हो तो थोड़ी देर इनके ऊपर ध्यान न दिया जाये....बस ये दिल से लगा लेते हैं ....हमारी शादी को २९ साल बीत चुके हैं....बहुत सी बातों पर बहस हुई है...मुँह फुलाया है,,, कई कई दिनों तक बात नहीं हुई है ....अब तो इतने पक्के हो गए है कि बिना लड़े झगडे मजा नहीं आता.....अच्छे दोस्त भी तो यही करते हैं न.....:) :) :) :)

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