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Tuesday, June 7, 2011

वो काला दिन

   

                                        पिछला हफ्ता कुछ अच्छा नहीं रहा .........या कहूं...................बहुत ख़राब रहा तो ज्यादा उचित होगा...........लगभग २५ साल पुराने  दो साथी ........  हमारे स्कूल के   काफी निकट सहयोगी .......हमारे बीच नहीं रहे..................हेमराज सर और वरिष्ट लिपिक ........आई. पी. श्रीवास्तव जी एक सड़क हादसे में हमसे बिछड़ गए........और उसी दिन हमारे ही स्कूल की एक कार्यकर्त्री कलावती का युवा पुत्र मोटरसाइकिल दुर्घटना में नहीं रहा............इतनी कम उम्र में ऐसा दुखद अंत बहुत कष्टदायक है......भगवान से यही प्रार्थना है उनके............घर वालो को यह कष्ट सहने की क्षमता प्रदान करे...............

               हेमराज सर से बहुत ज्यादा  बातचीत  तो नहीं रही बहुत सीमित या हल्की फुल्की हाल चाल पूछने तक ही बाते हुई हैं हम लोगो की......पर इतना तो अवश्य कहूँगी कि ...........   बहुत अच्छे स्वभाव ......और मिलनसार     व्यक्तित्व के थे हेमराज सर...........बच्चो में बेहद लोकप्रिय थे वे......उनका छोटा भाई अखिलेश मेरा   काफी प्रिय शिष्य रहा है........पेंटिंग विषय का.......और आज भी बहुत सम्मान करता है हम लोगो का......

                             कलावती बेहद स्नेहशील और  बच्चो को बहुत प्यार करने वाली है..........उसके साथ भी हमारा १८ साल का परिचय है......;...... भगवान् ने बहुत अन्याय किया   है उसके साथ भी ........   पर क्या किया जाये......... यहीं तो किसी का बस नहीं चलता..............सब ईश्वर की मर्ज़ी है.............ईश्वर उसे यह दुःख सहने की शक्ति दे......

          ३१ मई हमारे सेन्ट माइकल स्कूल के इतिहास का एक काला दिन रहा.........ईश्वर न करे फिर कभी ऐसा समय देखने को मिले.....

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