लिखिए अपनी भाषा में

Tuesday, November 25, 2014

यूँ ही.…


 आपके दिमाग में क्या चल रहा है....फेसबुक के  इस  प्रश्न पर सभी अपने  अपने  जी की भड़ास निकालने को आजाद हैं....और उस भड़ास यानि स्टेटस को लाइक्स और कमेंट्स के लिए फेसबुक पर थोप दिया जाता है........ बुरा  तो  तब  लगता  है .....कि  हमारी और कुछ हमारे जैसे ही अदना लोगो की  लिखी  कोई  अच्छी  या  ठीकठाक  सी  बात  पर  भी  लाइक्स और कमेंट्स बहुत  कम  आते  हैं ..और  कई  लोगो  की  ऊल  जुलूल  बातो  पर  भी  अनगिनत  लाइक्स  और  वाद  विवाद  शुरू  हो  जाते  हैं  ...कई  बार  तो  बेहद  मूर्खतापूर्ण  से  स्टेटस  पर  भी ......जैसे किसी महिला ने सिर्फ ये लिख दिया "आह"    बस बन्दे यूं छटपटाने लगेंगे मानों उनका सारा दुःख दर्द दूर कर के ही मानेंगे.....फिर घंटों इसी पर डिस्कसन चलता रहेगा....

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