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Sunday, April 16, 2023

बनारस की मिठाई 😋😋😋😋

बनारस   की मिठाइयों में मगदल को मिठाइयों का राजा    माना जाता है .यह ज्यादा तर जाड़े में मिलता है..यह यहाँ की सबसे प्रिय मिठाई  है.बनारस   में वैसे   तो    मिठाई     की सैकड़ों    दुकानेंहैं    ,,,,,लेकिन    इनमे    से    कई    काफी मशहूर हैं बनारस में जितने मोहल्ले हैं, उतनी किस्म  की मिठाइयां आज भी बिकती हैं....आपको जान कर आश्चर्य होगा की सुविख्यात सितार वादक.पंडित रवि शंकर को काशी के एक मिष्ठान्न कारीगर ने मिठाइयों का सितार बना कर भेंट किया था......
यहाँ की मिठाइयों का स्वाद लाजवाब होता है...पहले यहाँ जो मिठाइयां बनती थीं , उनमे लड्डू , पेड़ा, लाल पेड़ा ,बर्फी , गुलाबजामुन, मगदल , खजूर , इमरती , बालूशाही , तिरंगी बर्फी , राधाप्रिय ,गांधी गौरव , खोये की चन्द्रकला , केसरिया बर्फी , लवंग लता ,  जलेबी  और जलेबा, परवल की मिठाई , मदन मंजरी , राष्ट्रीय बर्फी, जवाहर लड्डू , वल्लभ सन्देश , प्रमुख हैं...इनमे से दो चार  को    छोड़ कर ज्यादातर आज भी बिकती हैं ....
अब लोगों की रूचि छेना से बनी मिठाइयों में ज्यादा बढ़ी है ...छेने की मिठाइयों में.. खीर मोहन , खीर कदम , रस मलाई , मलाई चाप , मलाई कोफ्ता , मलाई सैंडविच , मलाई के लड्डू , मलाई गिलौरी , मलाई पूड़ी रसमाधुरी , रस मंजरी , राजभोग , रसगुल्ला , रस बहार आदि हैं .....
बनारस की कुछ प्रमुख मिठाई की दुकानों में...जलजोग , क्षीर सागर ,आनंद बहार ,श्री राम भंडार , मधुर जलपान ,मधु बहार ..गोपी स्वीट्स ,कामधेनु स्वीट , सत्यनारायण मिष्ठान्न भण्डार., राजश्री , और भी असंख्य हैं ...अभी नाम  नहीं याद आरहे.....और सबसे अंत में हमारी सबसे प्रिय हमारे अपने मोहल्ले सिगरा की झन्नाटू साव की दूकान "मधुर -मिलन "जो ताजा गरमा गरम लवंग लता और बेहद स्वादिष्ट समोसों के लिए प्रसिद्ध है......(बहुत याद आरहे हो बनारस....जल्दी ही मुलाकात होगी..)

Saturday, March 4, 2023

सफर

ज़िंदगी के सफर में, 
हम बहुत से लोगों से मिलते हैं..
उनमें  से कुछ, हमारे अपने बन कर 
दिल के करीब जगह बना लेते हैं.. 
और 
कभी-कभी ऐसी भी, दुःखद परिस्थितियां
 पैदा हो जाती हैं 
कि सब कुछ करने के बावजूद, 
 बेहद प्रिय व्यक्ति भी  
हमसे दूर हो ही  जाता है...... 
मुझे  लगता है
 यदि ... संबंधों में ऊष्मा नहीं रही है 
तो व्यवहारिकता वश 
उसे निभाते जाना भी.. 
कम पीड़ा दायक नहीं होता.....
सूख कर भी
जुड़े रहने की पीड़ा से
टूट कर अलग हो जाने का कष्ट
शायद कम है.... 
बदलाव को स्वीकार करके,
 जिंदगी के उस हिस्से की कहानी को 
खत्म कर देना ही बेहतर होता है.....
 बीते  हुए सुख के  क्षण 
कम से  कम यादों  में तो 
सदा  हरे-भरे रहते हैं..... 😊😊😊